यह दोनों विषय एक ही सिक्के के दो पहलू हैं:
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यह सिद्धांत बताता है कि कई बार पीड़ित स्वयं अपने व्यवहार से अपराध को निमंत्रण दे सकता है, यानी 'पीड़ित कुछ हद तक अपने दुर्भाग्य का जिम्मेदार होता है'।【2†L37-L42】 1958 और मोटर यान अधिनियम
भारत में पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानूनी प्रावधान हैं। दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में अपराध पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के प्रावधान हैं। इसके अतिरिक्त, परिवीक्षा अपराधी अधिनियम, 1958 और मोटर यान अधिनियम, 1988 के तहत भी पीड़ितों को राहत दी जा सकती है। देश में पीड़ितों के कल्याण के लिए की भी अवधारणा है। penology and victimology pdf in hindi