Taurat Kitab Hindi

हज़रत मूसा और तौरात का इतिहास

हालाँकि, इस्लाम यह भी सिखाता है कि मूल तौरात को समय के साथ मानव हस्तक्षेप (तहरीफ़) के कारण बदल दिया गया। फिर भी, मुसलमान मूल तौरात को अल्लाह की सच्ची वाणी के रूप में सम्मान देते हैं। taurat kitab hindi

एक मुसलमान के लिए अल्लाह की भेजी गई सभी आसमानी किताबों पर ईमान (विश्वास) लाना अनिवार्य है। कुरान में कई जगहों पर तौरात का जिक्र सम्मान के साथ किया गया है। कुरान के अनुसार, तौरात में 'नूर' (प्रकाश) और 'हिदायत' (मार्गदर्शन) था। taurat kitab hindi

माता-पिता का सम्मान करना। किसी की हत्या न करना। व्यभिचार (Adultery) न करना। चोरी न करना। झूठी गवाही न देना। लालच न करना। taurat kitab hindi

कुरान में तौरात का जिक्र कई जगहों पर बेहद सम्मान के साथ किया गया है। कुरान के अनुसार, तौरात में 'नूर' (प्रकाश) और 'हिदायत' (मार्गदर्शन) था।